What is Digital Marketing Hindi
Digital Marketing

डिजिटल मार्केटिंग क्या है? [What is Digital Marketing Hindi]

Digital Marketing in Hindi – [What is Digital Marketing Hindi]

जैसा की अपने Search किया है, What is Digital Marketing Hindi, इसका मतलब है कि आप Digital Marketing के बारे में कुछ तो जानते हैं! आज आप हमसे जुड़कर सीखेंगे 360 डिग्री डिजिटल मार्केटिंग क्या होता है!

जैसा की आज का युग पूरा Online हो चुका है, और Internet हमारी जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है! इंटरनेट ने हमारे जीवन को बहुत ही सरल बना दिया है! इसका एक मात्र कारण है लोगो का डिजिटल होना! हम सुबह उठते ही इंटरनेट का इस्तेमाल करना शुरू कर देते है, मतलब अपने फ़ोन को चेक करते है! 

आज आपकी 80% जरुरत इंटरनेट से पूरी हो जाती है! जैसे की आपको कुछ भी खरीदना है, या आपको कुछ खाना है, तो आपको आपकी जगह छोड़ने की भी जरुरत नही पड़ती और आप अपने फ़ोन से ही आर्डर या बुक कर सकते है! ये जो बुक करना या आर्डर करना एक digitization प्रक्रिया है! और इस प्रोसेस मै व्यापारी ने जो मार्केटिंग की है वो ही डिजिटल मार्केटिंग कहलाती है! 

अब आप सोच रहे होंगे वो कैसे चलिए मै आपको बताता हूँ! अपने कुछ आर्डर किया कैसे किया डिजिटल प्लेटफॉर्म से मतलब आप हुए खरीदने वाले, आपको उस प्रोडक्ट के बारे मै जँहा से भी पता चला वो है मार्केटिंग जो कि बेचने वाले ने की!

What is digital marketing hindi में लिखने का एक मात्रा कारण यह है, की हर व्यक्ति को इस बारे में पता होना जरुरी है, और यदि वह एक स्माल बिज़नेस ओनर भी है तो डिजिटल मार्केटिंग की सहायता से कम खर्च में अपनी सेल को बढ़ा सकता है!

Note: What is Digital Marketing Hindi को समझने से पहले आपका ये समझना जरूरी है, की मार्केटिंग क्या होती है! क्युकी डिजिटल मार्केटिंग, मार्केटिंग का ही एक प्रकार है!

मार्केटिंग क्या है? [What is Marketing in Hindi]

जैसा की आप सभी जानते है किसी भी बिज़नेस के सफल होने और बिक्री बढ़ाने मै मार्केटिंग का बहुत योगदान होता है! मार्केटिंग वह प्रोसेस है जिसमें किसी प्रोडक्ट एवं सर्विस के बारे में लोगो को बताना! इसमें कस्टमर और प्रोडक्ट के बिच एक भरोसा बनाना मार्केटिंग है! जैसे की आप सभी जानते है बिना मार्केटिंग के कोई भी प्रोडक्ट या सर्विस नहीं बिक सकती क्युकी जब तक उसके बारे मै खरीदने वाला नहीं जानेगा वो उसे  खरीदेगा कैसे!

किसी कंपनी ने कोई प्रोडक्ट बनाया अब उस प्रोडक्ट को उसे मार्किट मै लाना है तो उसे उस प्रोडक्ट की मार्केटिंग करनी होगी! अब इस प्रोसेस मै 4p’s  का योगदान होता है!

1 Product – आपका product क्या है, और वो किस category का है!

2 Price – आपके प्रोडक्ट की प्राइस क्या है, कितनी कीमत पर कस्टमर उसको खरीद पायेगा!

3 Place – अब आती है place की जहा से आपका खरीददार उस जगह से आपके प्रोडक्ट  को आसानी से खरीदेगा!

4 Promotion – इसमें आप आपके प्रोडक्ट का promotion कैसे और कहा कहा करेंगे जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगो तक आपके प्रोडक्ट की जानकारी कम cost मै पहुंचे!

मार्केटिंग के प्रकार (Types of Marketing)

मार्केटिंग 2 प्रकार  की होती है !

  1. Traditional Marketing 
  2. Digital Marketing 

1. Traditional Marketing – Traditional marketing (पारंपरिक विपणन) वह मार्केटिंग होती है, जो की अभी होती आ रही है! जैसे की किसी भी प्रोडक्ट का बनकर कंपनी से निकलना फिर उसका डीलर तक पहुँचना डीलर से होलसेलर तक पहुंचना उसके बाद हमारे आस पास के दुकानदारों तक पहुँचना फिर जाके कस्टमर उसे खरीदते है ये पूरा नेटवर्क या जाल ट्रेडिशनल मार्केटिंग कहलाता है 

इसी कारण आज लोग ट्रेडिशनल मार्केटिंग का उपयोग कम करने लगे है क्युकी जो प्रोडक्ट 50 का बनता है वो कस्टमर तक आते-आते 150 का हो जाता है ऐसा सिर्फ ट्रांसपोर्टेशन और बीच के लोगो की वजह से होता है!

उदाहरण के तोर पर ट्रेडिशनल मार्केटिंग को समझे तो कम्पनी अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग के लिए कुछ लोगो को job देती है जैसे रमेश और सुरेश दो लोग जो किसी प्रोडक्ट की मार्केटिंग करती है तो रमेश को भोपाल की मार्केटिंग घर घर जा कर करनी है और सुरेश उसी प्रकार को इंदौर की मार्केटिंग करनी है!

ट्रेडिशनल मार्केटिंग के बहुत से माध्यम है

News paper – ट्रेडिशनल मार्केटिंग की बात आती है, तो सबसे पहला नाम जो आता है, वो है अखबार! अलग अलग तरीके से न्यूज़ पेपर मै प्रचार किये जाते है लेकिन आज का युथ न्यूज़ पेपर भी ऑनलाइन पढता है इसलिए ट्रेडिशनल मार्केटिंग का चलन कम होता जा रहा है!

Banner – ट्रेडिशनल मै दूसरा नाम जो आता है, वो है बैनर! बैनर की कॉस्ट बहुत ज्यादा होती है और इसे लगवाने का खर्च हर कोई नहीं अफोर्ट कर पाता है!

Announcement – अपने देखा होगा कभी कही सेल लगती है या किसी भी नयी सर्विसेस को लोगो तक पहुंचाने के लिए शहरो और गाँवों मै अनाउंसमेंट होती है ये भी ट्रेडिशनल मार्केटिंग मै आता है

2. Digital Marketing – डिजिटल मार्केटिंग मै किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस की मार्केटिंग के लिए इंटरनेट का सहारा लिया जाता है! जैसा की इंटरनेट आज सब जगह पहुंच चूका है तो हर कंपनी को जा कर बताने की जरुरत नहीं है डिजिटल के माध्यम से ही मार्केटिंग करना आसान होता है इसमें खर्च कम लगता है जिसके कारण प्रोडक्ट और सर्विस की cost भी कम हो जाती है

कुछ डिजिटल platforms जो की हर व्यक्ति यूज़ करता है, जिसने आपकी जिंदगी आसान बनाई!

  • Ticket booking – पहले टिकट बुक करने के लिया जाना पड़ता था, और घंटो लाइनों मै खड़ा होना पड़ता था! आज वो सिर्फ और सिर्फ डिजिटल मार्केटिंग की वजह से आसान हो गया है!
  • Recharges – आज कोई भी रिचार्ज हो चाहे टीवी रिचार्ज, फ़ोन रिचार्ज, इंटरनेट रिचार्ज ये सब करना आपके हाथो का कमल बन गया है इसका सहायक इंटरनेट!
  • Shopping – आज के युग मै सबसे ज्यादा डिजिटल मार्केटिंग का उपयोग हो रहा है! वो है शॉपिंग, राशन तक ऑनलाइन मिलने लगा है इससे बढ़कर और क्या हो सकता है! बटन दबाओ सेलेक्ट करो राशन आपके घर पे!
  • Online Transaction – आम आदमी के लिए ये वरदान है, ऐसा इसलिए क्युकी बैंक की लाइन किसी को पसंद नहीं, क्युकी इसके लिए jobकरने वालो को छुट्टी लेनी होती थी!

ट्रेडिशनल और डिजिटल मार्केटिंग को अलग करने वाले कुछ तथ्य

Traditional marketing

1 इसमें प्रोडक्ट और सर्विस को ऑफलाइन प्रमोट करना होता है!

2 इसका खर्च बहुत ज्यादा होता है !

3 इसमें आप ज्यादा से ज्यादा लोगो तक नहीं पहुंचा सकते है!

4 इसमें आप आपकी एड्स को एडिट नहीं कर सकते है!

5 इसमें आप ऑडियंस की टार्गेटिंग नहीं कर सकते!

6 इसमें आप ऑडियंस को ट्रैक नहीं कर सकते है !

Digital Marketing 

1 इसमें आप प्रोडक्ट एवं सर्विस को ऑनलाइन प्रमोट करते है !

2 इसमें अद्वेर्तिसेमेन्ट का खर्च कम आता है और इसमें आपको ऑप्शन भी ज्यादा  मिलते है!

3 इसमें आप ज्यादा से ज्यादा लोगो तक आपकी एड्स को पंहुचा सकते है !

4 इसमें आप आपकी एड्स को कही भी कभी भी चेंज और edit कर सके है!

5 इसमें आप कस्टमर को इंट्रेस्ट के हिसाब से टारगेट कर सकते है !

6 इसमें आप कस्टमर की ट्रैकिंग कर सकते है की आपका कस्टमर कोन से  प्लेटफॉर्म से आया है!

डिजिटल मार्केटिंग की शुरुआत कब हुई

सर्वप्रथम 1971 मै ईमेल भेज कर ये पता चला की फाइल को इलेक्टॉनिक्स की सहायता से भेजा जा सकता है!  लेकिन 1980 में जाकर सर्च इंजन पर पहला रिजल्ट पेज आया जिसने ये समझने मै आसान किया की इंटरनेट से भी आप बिज़नेस कर सकते है परन्तु 1990 में जाकर कंपनियों ने इस्तेमाल करना शुरू किया पर इसमें कही परेशानियाँ सामने आयी लेकिन 2000 मै डिजिटल मार्केटिंग पूरी तरह से लोगो तक पहुंचने लगा!

डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार

  1. Inbound Marketing 

2. Outbound Marketing 

Inbound Marketing – इनबाउंड मार्केटिंग को आप सही मायने में डिजिटल मार्केटिंग कह सकते हो इसमें २ तरह से कम्युनिक्शन होता है मतलब आप आपके कस्टमर और क्लाइंट से डायरेक्ट कनेक्ट हो सकते हो जैसे सोशल मीडिया, वेबसाइट, ईमेल मार्केटिंग, आदि 

Outbound Marketing – आउटबाउंड मार्केटिंग होती तो डिजिटल माध्यम से लेकिन इसमें १ तरह का कम्युनिकेशन होता है  जैसे टीवी एड्स, ये बहुत मॅहगा प्रोसेस है इसमें आप कस्टमर से सीधा जुड़ नहीं सकते है और इसमें बिज़नेस को बढ़ाने के लिए फंड की आवश्यकता होती है!

डिजिटल मार्केटिंग आवश्यक क्यों है?

डिजिटल मार्केटिंग आज के युग की आवश्यकता नहीं जरूरत बन गयी है आज का समय अत्यंत आधुनिक हो गया है आज हर व्यक्ति के जीवन मै डिजिटल टेक्नोलॉजी का चलन बढ़ गया है आज मनुष्य किसी को मिलने से ज्यादा डिजिटली जुड़ना ज्यादा पसंद करता है!

जब उसका ज्यादा से ज्यादा समय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जा चुका है तो वह अपनी जरुरत  की चीजें भी ऑनलाइन खरीदना पसंद करता है जिससे उसका समय बचता है वो अपने परिवार को ज्यादा समय दे  पाता है 

इसीलिए आज हर व्यवसाय का डिजिटल होना जरूरी है जब आपका कस्टमर डिजिटल से सामान खरीदना पसंद करता है, तो बिज़नेस को तो ऑनलाइन लाना ही पड़ेगा! 

 डिजिटल मार्केटिंग की आवश्यकता इसलिए भी क्युकी इसमें समय की पाबंदी नहीं होती चाहे दिन हो या रात अपने हिसाब अपनी पसंदीदा चीजों की शॉपिंग कर सकता है  और वैसे भी आपके जरुरत की चीजें आपके घर आराम से आ सकती है तो उसके लिए कस्टमर बाहर क्यों जाना कहेगा! 

डिजिटल मार्केटिंग ने केवल कस्टमर का ही नहीं व्यापारियों को भी ज्यादा से ज्यादा लोगो तक जुड़ने का अवसर दिया है वह ज्यादा से ज्यादा सामान बेच सकता है इस पूरी प्रोसेस मई उसका समय भी बचता है!

डिजिटल मार्केटिंग के लाभ

जब भी हम किसी काम को शुरू करते है तो उसके फायदे और नुकसान मालूम होना जरूरी होता है तभी उस काम को करने मै मज़ा आता है फिर हम उस काम को मन लगा कर करते है किसी भी बिज़नेस शुरू करने से पहले उनके लाभ और हानि को जान लेना चाहिये लेकिन जहा तक डिजिटल मार्केटिंग की बात करे तो इसमें लाभ बहुत है लेकिन नुक्सान बहुत कम!

1 रूपांतरण दर (Conversion Rate) तेज हो जाता है!

Conversion Rate से तात्पर्य यह है की कितने कस्टमर आपके पास आये और ज्यादा से ज्यादा लोगो ने आपका प्रोडक्ट खरीद लिया! हर बिज़नेस मै कन्वर्शन बहुत जरूरी होता है हर व्यापारी यही चाहता है की कम मार्केटिंग खर्च मै कन्वर्शन बढे! ये सिर्फ डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से ही संभव है!

2  तकनीक का गतिशील (Dynamic) होना 

डिजिटल मार्केटिंग का सबसे बड़ा फायदा इसका गतिशील होना है इस प्रोसेस मै आपका प्रोडक्ट या सर्विस बहुत ही शीग्रता से अनेक लोगो तक आसानी से पहुँच जाती है!

Example: मान लीजिये आपकी एक वेबसाइट है जिस पर आपके १०००० कस्टमर है और अपने एक नया प्रोडक्ट लॉन्च किया उस नए प्रोडक्ट की जानकरी ईमेल ऑटोमेशन उन तक पहुँच जाएगी और आपको उसका रेस्पोंस भी जल्द ही मिलने लगेगा! 

3 प्रतिपुष्टि (Feedback)

जैसा की आप जान चुके है डिजिटल मार्केटिंग मै आप आपके कस्टमर से जुड़े रहते है और कस्टमर भी आपसे जुड़ा होता है और वह आपके प्रोडक्ट के बारे मै अनेक माध्यम से फीडबैक दे सकता है की आपका प्रोडक्ट केसा है उसमे कुछ सुधार करने चाहिए, जो की हर बिज़नेस के लिए बहुत जरुरी भी है!

4 ROI निवेश की वापसी (Return of Investment) 

प्रोडक्ट की मार्केटिंग मै जितना खर्च हुआ है और उस खर्च से कितना प्रॉफिट आपको हुआ है  ये सिर्फ डिजिटल मार्केटिंग मै ही संभव है इसीलिए इसे ROI Based मार्केटिंग कहते है

Example: मान लीजिये अपने एक पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली और डिस्क्रिप्शन मै प्रोडक्ट की लिंक डाली, कितने लोग उस लिंक को क्लिक करके आपके प्रोडक्ट को ख़रीदा! इससे ये पता चलेगा की सोशल मीडिया से आपका ROI कितना है!

डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार

डिजिटल मार्केटिंग करने का एक मात्र साधन है, इंटरनेट! अतः इसे internet मार्केटिंग के नाम से भी जाना जाता है और किसी भी सर्विस या प्रोडक्ट को खरीदने और बेचने मै Online शब्द का प्रयोग ज्यादा होता है, इसीलिए इसे ऑनलाइन मार्केटिंग भी कहा जाता है! तो चलिए अब जानते है, डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार क्या क्या है!

  1. SEO (खोज इंजिन अनुकूलन) Search Engine Optimization 

यह एक ऐसी तकनीकी प्रोसेस है जो आपकी ऑनलाइन शॉप यानि वेबसाइट को सर्च इंजन की रैंकिंग को बढ़ने मै मदद करता है बिना Search Engine Optimization के आप अपनी वेबसाइट पे आर्गेनिक ट्रैफिक नहीं ला सकते है!

SEO के मुख्यतः दो फैक्टर है 

  1. On-Page: इसमें आपके वेबसाइट मै किसी भी प्रकार के SEO फैक्टर को चेंज करना या सुधर करना ऑन-पेज SEO कहलाता है!
  2. Off-Page: इसमें दूसरी किसी वेबसाइट पे अपनी वेबसाइट का लिंक दाल कर ट्रैफिक लाना ऑफ-पेज SEO कहलाता है!

2.   SEM (खोज इंजिन मार्केटिंग) Pay Per Click Advertising

 PPC एक ऐसी तकनीक है, जिसमे आपको वेबसाइट पर ट्रैफिक लाने के लिए सर्च इंजन को पैसे देने होते है जो की आपकी वेबसाइट को  नंबर 1 रैंक पर दिखता है जिससे आपकी वेबसाइट पर ट्रैफिक आता है!

  1. Social Media Optimization (सोशल मीडिया अनुकूलन)

SMO सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिजनेस पेज बना कर उसपे  क्रिएटिव पोस्ट बनाकर अपने बिजनेस के बारे मै लोगो को बताना SMO कहलाता है! 

  1. Social Media Marketing (सोशल मीडिया मार्केटिंग)

यह एक सबसे कम खर्च मै होने वाली मार्केटिंग प्रक्रिया है समम् मै आपको सोशल मीडिया को एड्स चलाने के लिए पैसे देने होते है ये आपको ब्रांड को प्रमोट करने का सबसे सरल एवं कारगर तरीका है 

  1. Content Marketing 

इसमें आपको कंटेंट क्रिएट करके सोशल मीडिया और कंटेंट लिख कर वेबसाइट पर ब्लॉग या आर्टिकल के माध्यम से लोगो को आपके प्रोडक्ट और सर्विस के बारे मै अपडेट देना कंटेंट मार्केटिंग कहलाता है 

  1. Affiliate Marketing 

यह एक कमीशन बेस्ड मार्केटिंग है इसमें अपने प्रोडक्ट और सर्विस का लिंक देकर उस वेबसाइट ओनर को प्रत्येक सेलिंग पर कमीशन दिया जाता है ये आज के दौर का कारगर तरीका है  

  1. Email marketing 

ईमेल मार्केटिंग को आप कंपनी और कस्टमर के बिच का मैसेंजर कह सकते है इसके माध्यम से सेल, नयी अपडेट, नए प्रोडक्ट्स के बारे मै जानकारी पहुँचाना आसान होता है ईमेल से आप आपके एक्सिस्टिंग कस्टमर से जुड़े रहते है! 

  1. Automation Marketing 

इसमें ऑटोमेशन टूल्स का सहारा लेकर सोशल मीडिया, ईमेल और वेबसाइट को ऑटोमेट कर दिया जाता है जिससे टाइम की बचत होती है और हमें साड़ी चीज़ो को ध्यान रखने की जरुरत नहीं होती है! ये मेरा सबसे बेस्ट प्रोसेस है!

  1. Video Marketing 

वीडियो मार्केटिंग का सबसे आसान उदाहरण है यूट्यूब आज हर कोई यूट्यूब का दीवाना है उसमे वीडियो के बिच आने वाली एड्स के माध्यम से प्रचार करना वीडियो मार्केटिंग कहलाती है अतः इसे यूट्यूब मार्केटिंग भी कहते है!
10. Application Marketing 

एप्लीकेशन मार्केटिंग भी एक अच्छा सोर्स है क्युकी आज किसी भी प्रकार की अप्प हो उसमे ऐड जरूर आते है ये एक कारगर तरीका मान सकते है अपने ब्रांड की विसिब्लिटी बढ़ने का!

11. Online Reputation Management – ORM (ऑनलाइन प्रतिष्ठा प्रबंधन)

डिजिटल मार्केटिंग मै अगर कोई टर्म है जिससे कोई भी डरता है वो है ओरम ऐसा कह सकते है की किसी भी बिज़नेस का दिवालिया होना उसके अच्छे और बुरे कामो पर निर्भर होता है वैसे ही आपकी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बुरे कामो से आपकी डिजिटल दुनिया तबाह हो सकती है खास तोर पर आपकी वेबसाइट की रैंक 0 पर पहुँच जाती है 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *